New top dard isq shayri in hindi || top hindi shayri 2020-2021 || By. Paresh

1.
बेजान चीज़ो को बदनाम करने के तरीके
कितने आसान होते है….!
लोग सुनते है छुप छुप के बाते , और कहते है के
दीवारो को भी कान होते हैं…!
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By. Paresh

2.
इश्क पेश ही हुआ था अभी इन्साफ के कटघरे में ,,
एक साथ सभी बोल उठे . . यही कातिल है , यही कातिल है .. .
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By. Paresh

3.
“लिखना तो ये था कि खुश हूँ तेरे बगैर भी,
 पर कलम से पहले आँसू कागज पर गिर गया”
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By. Paresh

4.
मजा चख लेने दो उसको गैरों की महफ़िल का,
इतनी चाहत के बाद जो मेरा ना हुआ वो किसी और का क्या होगा...!
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By. Paresh

5.
वो आज बरसो बाद मिली तो गले लगकर खूब रोई, जानते हो ये वही थी जिसने कहा था तेरे जैसे हजारो मिलेंगे !
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By. Paresh

6.
आंसू रोक लिए हमने उसकी विदाई पर,
लेकिन रोता रहा दिल उसकी बेवफाई पर,
हमने कर दिया विदा खुशी से उनको ,
लेकिन रो रहा है आसमां भी मेरे संग उसकी जुदाई पर !!
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By. Paresh

7.
बैठे-बैठे सोच रही हूं दीवारों से पीठ लगा के
खुद को मैं खोज रही हूं, सीने पे खंजर चला के
उम्मीदों का सावन कल तक, बरसा था दो आंखों से
आज सब कुछ सूख गया है, रेतों में उम्मीद जगा के
आने दो इन पंछियों को, आंगन में मैं अकेली हूं
मेरी तरह मुसाफिर हैं ये, जीते नहीं हैं शहर बसा के
अपनी दुनिया वो नहीं जिसमें दिल का नाम नहीं
कैसे जीएंगे हम भला फिर किसी से देह लगा के
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By. Paresh

8.
उलझनों और कश्मकश में उम्मीद की ढाल लिए
बैठा हूँ,
ए जिंदगी, तेरी हर चाल के लिए मैं दो चाल
लिए बैठा हूँ !!
लुत्फ़ उठा रहा हूँ मैं भी आँख-मिचोली का,
मिलेगी कामयाबी, हौसला कमाल का लिए बैठा हूँ !!
चल मान लिया दो-चार दिन नहीं मेरे मुताबिक,
गिरेबान में अपने ये सुनहरा साल लिए बैठा हूँ !!
ये गहराइयां, ये लहरें, ये तूफां, तुम्हे मुबारक,
मुझे क्या फ़िक्र,
मैं कश्तीया और दोस्त बेमिसाल लिए बैठा हूँ !!
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By. Paresh

9.
ज़रुरी तो नहीं जो दिख रहा है सच में वैसा हो ज़मीं को जानना है ग़र तो बारिश में फिसलकर देख..
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By. Paresh

10.
हमें न मोहब्बत मिली, न प्यार मिला,
हमको जो भी मिला बेवफा यार मिला,
अपनी तो बन गई तमाशा जिंदगी,
हर कोई अपने मकसद का तलबगार
मिला....
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By. Paresh